VBI पंचांग

पंचांग — 13 फ़रवरी 2027 नई दिल्ली

शनिवार, 13 फ़रवरी 2027 · माघ शुक्ल सप्तमी · विक्रम संवत 2083

वारशनिवार
तिथिशुक्ल सप्तमी — रात 2:07 (14 फ़र.) तक
शुक्ल अष्टमी — रात 12:41 (15 फ़र.) तक
नक्षत्रभरणी — सुबह 5:37 (14 फ़र.) तक
कृत्तिका — सुबह 4:46 (15 फ़र.) तक
योगशुक्ल — शाम 5:18 तक
ब्रह्म — दोपहर 3:08 (14 फ़र.) तक
करणगर — दोपहर 2:37 तक
वणिज — रात 2:07 (14 फ़र.) तक
विष्टि (भद्रा) — दोपहर 1:28 (14 फ़र.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिमकर
चंद्र राशिमेष — सुबह 11:28 (14 फ़र.) तक
सूर्योदयसुबह 7:01
सूर्यास्तशाम 6:10
चंद्रोदयसुबह 10:32
चंद्रास्तरात 12:29 (14 फ़र.)
दिनमान11 घंटे 9 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 51 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:13 – 12:58
राहु कालसुबह 9:48 – 11:12

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।