VBI पंचांग

पंचांग — 12 फ़रवरी 2027 नई दिल्ली

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2027 · माघ शुक्ल षष्ठी · विक्रम संवत 2083

वारशुक्रवार
तिथिशुक्ल षष्ठी — रात 2:59 (13 फ़र.) तक
शुक्ल सप्तमी — रात 2:07 (14 फ़र.) तक
नक्षत्रअश्विनी — सुबह 5:56 (13 फ़र.) तक
भरणी — सुबह 5:37 (14 फ़र.) तक
योगशुभ — शाम 7:02 तक
शुक्ल — शाम 5:18 (13 फ़र.) तक
करणकौलव — दोपहर 3:13 तक
तैतिल — रात 2:59 (13 फ़र.) तक
गर — दोपहर 2:37 (13 फ़र.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिमकर
चंद्र राशिमेष — सुबह 11:28 (14 फ़र.) तक
सूर्योदयसुबह 7:02
सूर्यास्तशाम 6:09
चंद्रोदयसुबह 9:56
चंद्रास्तरात 11:26
दिनमान11 घंटे 7 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 52 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:13 – 12:58
राहु कालसुबह 11:12 – दोपहर 12:36

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।