VBI पंचांग

पंचांग — 14 फ़रवरी 2027 नई दिल्ली

रविवार, 14 फ़रवरी 2027 · माघ शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2083

वाररविवार
तिथिशुक्ल अष्टमी — रात 12:41 (15 फ़र.) तक
शुक्ल नवमी — रात 10:44 (15 फ़र.) तक
नक्षत्रकृत्तिका — सुबह 4:46 (15 फ़र.) तक
रोहिणी — रात 3:25 (16 फ़र.) तक
योगब्रह्म — दोपहर 3:08 तक
इंद्र — दोपहर 12:33 (15 फ़र.) तक
करणविष्टि (भद्रा) — दोपहर 1:28 तक
बव — रात 12:41 (15 फ़र.) तक
बालव — सुबह 11:46 (15 फ़र.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिकुंभ
चंद्र राशिमेष — सुबह 11:28 तक
वृषभ — दोपहर 2:35 (16 फ़र.) तक
सूर्योदयसुबह 7:00
सूर्यास्तशाम 6:11
चंद्रोदयसुबह 11:15
चंद्रास्तरात 1:35 (15 फ़र.)
दिनमान11 घंटे 10 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 49 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:13 – 12:58
राहु कालशाम 4:47 – 6:11

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।