VBI पंचांग

पंचांग — 18 जुलाई 2027 नई दिल्ली

रविवार, 18 जुलाई 2027 · आषाढ़ पूर्णिमा · विक्रम संवत 2084

वाररविवार
तिथिपूर्णिमा — रात 9:14 तक
कृष्ण प्रतिपदा — रात 11:48 (19 जुलाई) तक
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा — सुबह 11:18 तक
उत्तराषाढ़ा — दोपहर 2:23 (19 जुलाई) तक
योगवैधृति — दोपहर 3:21 तक
विष्कुंभ — शाम 4:26 (19 जुलाई) तक
करणविष्टि (भद्रा) — सुबह 8:00 तक
बव — रात 9:14 तक
बालव — सुबह 10:31 (19 जुलाई) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)आषाढ़
मास (अमांत)आषाढ़
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिधनु — शाम 6:04 तक
मकर — सुबह 7:04 (21 जुलाई) तक
सूर्योदयसुबह 5:34
सूर्यास्तशाम 7:20
चंद्रोदयशाम 7:22
चंद्रास्तसुबह 5:51 (19 जुलाई)
दिनमान13 घंटे 46 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 15 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:00 – 12:55
राहु कालशाम 5:37 – 7:20

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।