VBI पंचांग

पंचांग — 24 मार्च 2027 नई दिल्ली

बुधवार, 24 मार्च 2027 · चैत्र कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2083

वारबुधवार
तिथिकृष्ण द्वितीया — दोपहर 1:14 तक
कृष्ण तृतीया — दोपहर 12:38 (25 मार्च) तक
नक्षत्रचित्रा — शाम 7:25 तक
स्वाति — शाम 7:39 (25 मार्च) तक
योगध्रुव — सुबह 9:15 तक
व्याघात — सुबह 7:32 (25 मार्च) तक
करणगर — दोपहर 1:14 तक
वणिज — रात 12:51 (25 मार्च) तक
विष्टि (भद्रा) — दोपहर 12:38 (25 मार्च) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशिकन्या — सुबह 7:33 तक
तुला — दोपहर 2:18 (26 मार्च) तक
सूर्योदयसुबह 6:21
सूर्यास्तशाम 6:35
चंद्रोदयरात 8:47
चंद्रास्तसुबह 7:03
दिनमान12 घंटे 14 मिनट
रात्रिमान11 घंटे 45 मिनट
अभिजीत मुहूर्तनहीं (बुधवार)
राहु कालदोपहर 12:28 – 1:59

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।