VBI पंचांग

पंचांग — 23 मार्च 2027 नई दिल्ली

मंगलवार, 23 मार्च 2027 · चैत्र कृष्ण प्रतिपदा · विक्रम संवत 2083

वारमंगलवार
तिथिकृष्ण प्रतिपदा — दोपहर 2:28 तक
कृष्ण द्वितीया — दोपहर 1:14 (24 मार्च) तक
नक्षत्रहस्त — शाम 7:49 तक
चित्रा — शाम 7:25 (24 मार्च) तक
योगवृद्धि — सुबह 11:27 तक
ध्रुव — सुबह 9:15 (24 मार्च) तक
करणकौलव — दोपहर 2:28 तक
तैतिल — रात 1:47 (24 मार्च) तक
गर — दोपहर 1:14 (24 मार्च) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशिकन्या — सुबह 7:33 (24 मार्च) तक
सूर्योदयसुबह 6:22
सूर्यास्तशाम 6:34
चंद्रोदयशाम 7:44
चंद्रास्तसुबह 6:29
दिनमान12 घंटे 12 मिनट
रात्रिमान11 घंटे 47 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:04 – 12:52
राहु कालदोपहर 3:31 – शाम 5:03

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।