VBI पंचांग

पंचांग — 16 मार्च 2027 नई दिल्ली

मंगलवार, 16 मार्च 2027 · फाल्गुन शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2083

वारमंगलवार
तिथिशुक्ल अष्टमी — सुबह 8:54 तक
शुक्ल नवमी — सुबह 6:44 (17 मार्च) तक
नक्षत्रमृगशिरा — सुबह 8:13 तक
आर्द्रा — सुबह 6:45 (17 मार्च) तक
योगआयुष्मान — सुबह 11:50 तक
सौभाग्य — सुबह 8:53 (17 मार्च) तक
करणबव — सुबह 8:54 तक
बालव — शाम 7:51 तक
कौलव — सुबह 6:44 (17 मार्च) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशिमिथुन — रात 11:32 (17 मार्च) तक
सूर्योदयसुबह 6:30
सूर्यास्तशाम 6:30
चंद्रोदयदोपहर 12:01
चंद्रास्तरात 2:33 (17 मार्च)
दिनमान12 घंटे 0 मिनट
रात्रिमान11 घंटे 59 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:06 – 12:54
राहु कालदोपहर 3:30 – शाम 5:00

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।