VBI पंचांग

पंचांग — 15 मार्च 2027 नई दिल्ली

सोमवार, 15 मार्च 2027 · फाल्गुन शुक्ल सप्तमी · विक्रम संवत 2083

वारसोमवार
तिथिशुक्ल सप्तमी — सुबह 10:51 तक
शुक्ल अष्टमी — सुबह 8:54 (16 मार्च) तक
नक्षत्ररोहिणी — सुबह 9:26 तक
मृगशिरा — सुबह 8:13 (16 मार्च) तक
योगप्रीति — दोपहर 2:37 तक
आयुष्मान — सुबह 11:50 (16 मार्च) तक
करणवणिज — सुबह 10:51 तक
विष्टि (भद्रा) — रात 9:55 तक
बव — सुबह 8:54 (16 मार्च) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिकुंभ
चंद्र राशिवृषभ — रात 8:51 तक
मिथुन — रात 11:32 (17 मार्च) तक
सूर्योदयसुबह 6:31
सूर्यास्तशाम 6:30
चंद्रोदयसुबह 10:58
चंद्रास्तरात 1:36 (16 मार्च)
दिनमान11 घंटे 58 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 1 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:06 – 12:54
राहु कालसुबह 8:01 – 9:31

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।