VBI पंचांग

पंचांग — 20 फ़रवरी 2027 नई दिल्ली

शनिवार, 20 फ़रवरी 2027 · माघ शुक्ल चतुर्दशी · विक्रम संवत 2083

वारशनिवार
तिथिशुक्ल चतुर्दशी — सुबह 8:00 तक
पूर्णिमा — सुबह 4:53 (21 फ़र.) तक
कृष्ण प्रतिपदा — रात 2:03 (22 फ़र.) तक
नक्षत्रआश्लेषा — शाम 4:07 तक
मघा — दोपहर 1:51 (21 फ़र.) तक
योगशोभन — दोपहर 3:08 तक
अतिगंड — सुबह 11:27 (21 फ़र.) तक
करणवणिज — सुबह 8:00 तक
विष्टि (भद्रा) — शाम 6:25 तक
बव — सुबह 4:53 (21 फ़र.) तक
बालव — दोपहर 3:26 (21 फ़र.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिकुंभ
चंद्र राशिकर्क — शाम 4:07 तक
सिंह — शाम 5:30 (22 फ़र.) तक
सूर्योदयसुबह 6:55
सूर्यास्तशाम 6:15
चंद्रोदयशाम 5:46
चंद्रास्तसुबह 6:53 (21 फ़र.)
दिनमान11 घंटे 20 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 40 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:12 – 12:58
राहु कालसुबह 9:45 – 11:10

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।