VBI पंचांग

पंचांग — 19 फ़रवरी 2027 नई दिल्ली

शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2027 · माघ शुक्ल त्रयोदशी · विक्रम संवत 2083

वारशुक्रवार
तिथिशुक्ल त्रयोदशी — सुबह 11:14 तक
शुक्ल चतुर्दशी — सुबह 8:00 (20 फ़र.) तक
नक्षत्रपुष्य — शाम 6:35 तक
आश्लेषा — शाम 4:07 (20 फ़र.) तक
योगसौभाग्य — शाम 6:58 तक
शोभन — दोपहर 3:08 (20 फ़र.) तक
करणतैतिल — सुबह 11:14 तक
गर — रात 9:37 तक
वणिज — सुबह 8:00 (20 फ़र.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिकुंभ
चंद्र राशिकर्क — शाम 4:07 (20 फ़र.) तक
सूर्योदयसुबह 6:56
सूर्यास्तशाम 6:14
चंद्रोदयशाम 4:36
चंद्रास्तसुबह 6:15 (20 फ़र.)
दिनमान11 घंटे 18 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 41 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:13 – 12:58
राहु कालसुबह 11:10 – दोपहर 12:35

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।