VBI पंचांग

पंचांग — 10 अगस्त 2027 नई दिल्ली

मंगलवार, 10 अगस्त 2027 · श्रावण शुक्ल नवमी · विक्रम संवत 2084

वारमंगलवार
तिथिशुक्ल नवमी — रात 11:28 तक
शुक्ल दशमी — रात 12:59 (12 अग.) तक
नक्षत्रविशाखा — सुबह 7:27 तक
अनुराधा — सुबह 9:14 (11 अग.) तक
योगब्रह्म — शाम 7:55 तक
इंद्र — रात 8:05 (11 अग.) तक
करणबालव — सुबह 10:56 तक
कौलव — रात 11:28 तक
तैतिल — दोपहर 12:09 (11 अग.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)श्रावण
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिवृश्चिक — सुबह 11:34 (12 अग.) तक
सूर्योदयसुबह 5:47
सूर्यास्तशाम 7:06
चंद्रोदयदोपहर 2:02
चंद्रास्तरात 12:12 (11 अग.)
दिनमान13 घंटे 18 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 42 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:00 – 12:53
राहु कालदोपहर 3:46 – शाम 5:26

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।