VBI पंचांग

पंचांग — 31 जुलाई 2027 नई दिल्ली

शनिवार, 31 जुलाई 2027 · श्रावण कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2084

वारशनिवार
तिथिकृष्ण त्रयोदशी — रात 10:58 तक
कृष्ण चतुर्दशी — शाम 7:20 (1 अग.) तक
नक्षत्रआर्द्रा — रात 10:53 तक
पुनर्वसु — रात 8:05 (1 अग.) तक
योगव्याघात — सुबह 6:41 तक
हर्षण — रात 2:49 (1 अग.) तक
वज्र — रात 10:43 (1 अग.) तक
करणगर — दोपहर 12:41 तक
वणिज — रात 10:58 तक
विष्टि (भद्रा) — सुबह 9:10 (1 अग.) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)आषाढ़
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिमिथुन — दोपहर 2:48 (1 अग.) तक
सूर्योदयसुबह 5:42
सूर्यास्तशाम 7:13
चंद्रोदयसुबह 4:09 (1 अग.)
चंद्रास्तशाम 5:29
दिनमान13 घंटे 32 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 29 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:00 – 12:54
राहु कालसुबह 9:04 – 10:46

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।