VBI पंचांग

पंचांग — 23 जुलाई 2027 नई दिल्ली

शुक्रवार, 23 जुलाई 2027 · श्रावण कृष्ण चतुर्थी · विक्रम संवत 2084

वारशुक्रवार
तिथिकृष्ण चतुर्थी — सुबह 6:56 तक
कृष्ण पंचमी — सुबह 8:41 (24 जुलाई) तक
नक्षत्रपूर्वा भाद्रपद — रात 1:53 (24 जुलाई) तक
उत्तरा भाद्रपद — रात 3:52 (25 जुलाई) तक
योगशोभन — रात 8:03 तक
अतिगंड — रात 8:17 (24 जुलाई) तक
करणबालव — सुबह 6:56 तक
कौलव — शाम 7:52 तक
तैतिल — सुबह 8:41 (24 जुलाई) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)आषाढ़
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिकुंभ — शाम 7:19 तक
मीन — सुबह 5:14 (26 जुलाई) तक
सूर्योदयसुबह 5:37
सूर्यास्तशाम 7:18
चंद्रोदयरात 9:55
चंद्रास्तसुबह 9:27
दिनमान13 घंटे 41 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 20 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:00 – 12:55
राहु कालसुबह 10:45 – दोपहर 12:28

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।