VBI पंचांग

पंचांग — 20 जुलाई 2027 नई दिल्ली

मंगलवार, 20 जुलाई 2027 · श्रावण कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2084

वारमंगलवार
तिथिकृष्ण द्वितीया — रात 2:21 (21 जुलाई) तक
कृष्ण तृतीया — सुबह 4:47 (22 जुलाई) तक
नक्षत्रश्रवण — शाम 5:31 तक
धनिष्ठा — रात 8:34 (21 जुलाई) तक
योगप्रीति — शाम 5:32 तक
आयुष्मान — शाम 6:34 (21 जुलाई) तक
करणतैतिल — दोपहर 1:05 तक
गर — रात 2:21 (21 जुलाई) तक
वणिज — दोपहर 3:35 (21 जुलाई) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)आषाढ़
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिमकर — सुबह 7:04 (21 जुलाई) तक
सूर्योदयसुबह 5:35
सूर्यास्तशाम 7:19
चंद्रोदयरात 8:30
चंद्रास्तसुबह 6:47
दिनमान13 घंटे 44 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 17 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:00 – 12:55
राहु कालदोपहर 3:53 – शाम 5:36

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।