VBI पंचांग

पंचांग — 30 जून 2027 नई दिल्ली

बुधवार, 30 जून 2027 · आषाढ़ कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2084

वारबुधवार
तिथिकृष्ण एकादशी — रात 8:31 तक
कृष्ण द्वादशी — शाम 6:15 (1 जुलाई) तक
नक्षत्रभरणी — रात 9:01 तक
कृत्तिका — शाम 7:31 (1 जुलाई) तक
योगसुकर्मा — सुबह 8:32 तक
धृति — सुबह 5:57 (1 जुलाई) तक
करणबव — सुबह 9:23 तक
बालव — रात 8:31 तक
कौलव — सुबह 7:28 (1 जुलाई) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)आषाढ़
मास (अमांत)ज्येष्ठ
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिमिथुन
चंद्र राशिमेष — रात 2:42 (1 जुलाई) तक
वृषभ — सुबह 4:13 (3 जुलाई) तक
सूर्योदयसुबह 5:26
सूर्यास्तशाम 7:23
चंद्रोदयरात 2:17 (1 जुलाई)
चंद्रास्तदोपहर 3:29
दिनमान13 घंटे 57 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 3 मिनट
अभिजीत मुहूर्तनहीं (बुधवार)
राहु कालदोपहर 12:25 – 2:09

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।