VBI पंचांग

पंचांग — 22 जून 2027 नई दिल्ली

मंगलवार, 22 जून 2027 · आषाढ़ कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2084

वारमंगलवार
तिथिकृष्ण तृतीया — दोपहर 1:07 तक
कृष्ण चतुर्थी — दोपहर 3:43 (23 जून) तक
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — सुबह 8:08 तक
श्रवण — सुबह 11:17 (23 जून) तक
योगइंद्र — सुबह 8:55 तक
वैधृति — सुबह 10:02 (23 जून) तक
करणविष्टि (भद्रा) — दोपहर 1:07 तक
बव — रात 2:25 (23 जून) तक
बालव — दोपहर 3:43 (23 जून) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)आषाढ़
मास (अमांत)ज्येष्ठ
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिमिथुन
चंद्र राशिमकर — रात 12:51 (24 जून) तक
सूर्योदयसुबह 5:24
सूर्यास्तशाम 7:22
चंद्रोदयरात 9:57
चंद्रास्तसुबह 7:58
दिनमान13 घंटे 59 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 2 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:55 – दोपहर 12:51
राहु कालदोपहर 3:53 – शाम 5:38

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।