VBI पंचांग

पंचांग — 19 जून 2027 नई दिल्ली

शनिवार, 19 जून 2027 · ज्येष्ठ पूर्णिमा · विक्रम संवत 2084

वारशनिवार
तिथिपूर्णिमा — सुबह 6:14 तक
कृष्ण प्रतिपदा — सुबह 8:15 (20 जून) तक
नक्षत्रमूल — रात 2:13 (20 जून) तक
पूर्वाषाढ़ा — सुबह 5:04 (21 जून) तक
योगशुभ — सुबह 6:18 तक
शुक्ल — सुबह 6:58 (20 जून) तक
करणबव — सुबह 6:14 तक
बालव — शाम 7:12 तक
कौलव — सुबह 8:15 (20 जून) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
मास (अमांत)ज्येष्ठ
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिमिथुन
चंद्र राशिधनु — सुबह 11:49 (21 जून) तक
सूर्योदयसुबह 5:23
सूर्यास्तशाम 7:22
चंद्रोदयशाम 7:59
चंद्रास्तसुबह 6:05 (20 जून)
दिनमान13 घंटे 58 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 2 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:55 – दोपहर 12:50
राहु कालसुबह 8:53 – 10:38

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।