VBI पंचांग

पंचांग — 15 जून 2027 नई दिल्ली

मंगलवार, 15 जून 2027 · ज्येष्ठ शुक्ल द्वादशी · विक्रम संवत 2084

वारमंगलवार
तिथिशुक्ल द्वादशी — रात 2:31 (16 जून) तक
शुक्ल त्रयोदशी — रात 3:20 (17 जून) तक
नक्षत्रस्वाति — शाम 6:23 तक
विशाखा — शाम 7:44 (16 जून) तक
योगपरिघ — सुबह 6:46 तक
शिव — सुबह 6:09 (16 जून) तक
करणबव — दोपहर 2:16 तक
बालव — रात 2:31 (16 जून) तक
कौलव — दोपहर 2:52 (16 जून) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
मास (अमांत)ज्येष्ठ
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिवृषभ
चंद्र राशितुला — दोपहर 1:21 (16 जून) तक
सूर्योदयसुबह 5:23
सूर्यास्तशाम 7:21
चंद्रोदयशाम 4:15
चंद्रास्तरात 2:48 (16 जून)
दिनमान13 घंटे 58 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 2 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:54 – दोपहर 12:50
राहु कालदोपहर 3:51 – शाम 5:36

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।