VBI पंचांग

पंचांग — 23 मई 2027 नई दिल्ली

रविवार, 23 मई 2027 · ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2084

वाररविवार
तिथिकृष्ण तृतीया — रात 8:42 तक
कृष्ण चतुर्थी — रात 10:59 (24 मई) तक
नक्षत्रमूल — शाम 7:17 तक
पूर्वाषाढ़ा — रात 10:08 (24 मई) तक
योगसाध्य — रात 11:02 तक
शुभ — रात 11:54 (24 मई) तक
करणवणिज — सुबह 7:42 तक
विष्टि (भद्रा) — रात 8:42 तक
बव — सुबह 9:48 (24 मई) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिवृषभ
चंद्र राशिधनु — सुबह 4:53 (25 मई) तक
सूर्योदयसुबह 5:26
सूर्यास्तशाम 7:10
चंद्रोदयरात 10:03
चंद्रास्तसुबह 7:17
दिनमान13 घंटे 43 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 16 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:51 – दोपहर 12:45
राहु कालशाम 5:27 – 7:10

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।