VBI पंचांग

पंचांग — 16 मई 2027 नई दिल्ली

रविवार, 16 मई 2027 · वैशाख शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2084

वाररविवार
तिथिशुक्ल एकादशी — शाम 5:13 तक
शुक्ल द्वादशी — शाम 4:28 (17 मई) तक
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी — सुबह 11:35 तक
हस्त — सुबह 11:29 (17 मई) तक
योगवज्र — रात 2:42 (17 मई) तक
सिद्धि — रात 1:10 (18 मई) तक
करणवणिज — सुबह 5:43 तक
विष्टि (भद्रा) — शाम 5:13 तक
बव — सुबह 4:48 (17 मई) तक
बालव — शाम 4:28 (17 मई) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिवृषभ
चंद्र राशिकन्या — रात 11:33 (17 मई) तक
सूर्योदयसुबह 5:30
सूर्यास्तशाम 7:05
चंद्रोदयदोपहर 3:20
चंद्रास्तरात 3:00 (17 मई)
दिनमान13 घंटे 36 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 24 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:51 – दोपहर 12:45
राहु कालशाम 5:24 – 7:05

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।