VBI पंचांग

पंचांग — 13 मई 2027 नई दिल्ली

गुरुवार, 13 मई 2027 · वैशाख शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2084

वारगुरुवार
तिथिशुक्ल अष्टमी — रात 9:18 तक
शुक्ल नवमी — शाम 7:39 (14 मई) तक
नक्षत्रआश्लेषा — दोपहर 1:41 तक
मघा — दोपहर 12:42 (14 मई) तक
योगवृद्धि — सुबह 11:20 तक
ध्रुव — सुबह 8:50 (14 मई) तक
करणविष्टि (भद्रा) — सुबह 10:13 तक
बव — रात 9:18 तक
बालव — सुबह 8:26 (14 मई) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिमेष
चंद्र राशिकर्क — दोपहर 1:41 तक
सिंह — शाम 5:52 (15 मई) तक
सूर्योदयसुबह 5:32
सूर्यास्तशाम 7:04
चंद्रोदयदोपहर 12:15
चंद्रास्तरात 1:23 (14 मई)
दिनमान13 घंटे 32 मिनट
रात्रिमान10 घंटे 27 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:51 – दोपहर 12:45
राहु कालदोपहर 1:59 – 3:41

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।