VBI पंचांग

पंचांग — 20 अप्रैल 2027 नई दिल्ली

मंगलवार, 20 अप्रैल 2027 · चैत्र पूर्णिमा · विक्रम संवत 2084

वारमंगलवार
तिथिपूर्णिमा — रात 3:57 (21 अप्रैल) तक
कृष्ण प्रतिपदा — रात 3:30 (22 अप्रैल) तक
नक्षत्रचित्रा — सुबह 4:28 (21 अप्रैल) तक
स्वाति — सुबह 4:44 (22 अप्रैल) तक
योगहर्षण — शाम 5:47 तक
वज्र — शाम 4:10 (21 अप्रैल) तक
करणविष्टि (भद्रा) — शाम 4:21 तक
बव — रात 3:57 (21 अप्रैल) तक
बालव — दोपहर 3:40 (21 अप्रैल) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)चैत्र
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिमेष
चंद्र राशिकन्या — शाम 4:31 तक
तुला — रात 11:17 (22 अप्रैल) तक
सूर्योदयसुबह 5:51
सूर्यास्तशाम 6:50
चंद्रोदयशाम 6:31
चंद्रास्तसुबह 5:34 (21 अप्रैल)
दिनमान12 घंटे 59 मिनट
रात्रिमान11 घंटे 0 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:54 – दोपहर 12:46
राहु कालदोपहर 3:35 – शाम 5:12

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।