VBI पंचांग

पंचांग — 8 अप्रैल 2027 नई दिल्ली

गुरुवार, 8 अप्रैल 2027 · चैत्र शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2084

वारगुरुवार
तिथिशुक्ल द्वितीया — रात 3:10 (9 अप्रैल) तक
शुक्ल तृतीया — रात 1:32 (10 अप्रैल) तक
नक्षत्रअश्विनी — शाम 5:59 तक
भरणी — शाम 5:11 (9 अप्रैल) तक
योगविष्कुंभ — रात 3:25 (9 अप्रैल) तक
प्रीति — रात 12:59 (10 अप्रैल) तक
करणबालव — दोपहर 3:52 तक
कौलव — रात 3:10 (9 अप्रैल) तक
तैतिल — दोपहर 2:23 (9 अप्रैल) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)चैत्र
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशिमेष — रात 10:56 (9 अप्रैल) तक
सूर्योदयसुबह 6:04
सूर्यास्तशाम 6:43
चंद्रोदयसुबह 6:33
चंद्रास्तरात 8:13
दिनमान12 घंटे 39 मिनट
रात्रिमान11 घंटे 20 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:58 – दोपहर 12:49
राहु कालदोपहर 1:58 – 3:33

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।