VBI पंचांग

पंचांग — 6 अप्रैल 2027 नई दिल्ली

मंगलवार, 6 अप्रैल 2027 · चैत्र अमावस्या · विक्रम संवत 2083

वारमंगलवार
तिथिअमावस्या — सुबह 5:21 (7 अप्रैल) तक
शुक्ल प्रतिपदा — सुबह 4:29 (8 अप्रैल) तक
नक्षत्रउत्तरा भाद्रपद — शाम 6:23 तक
रेवती — शाम 6:25 (7 अप्रैल) तक
योगब्रह्म — सुबह 8:51 तक
इंद्र — सुबह 7:26 (7 अप्रैल) तक
करणचतुष्पद — शाम 5:35 तक
नाग — सुबह 5:21 (7 अप्रैल) तक
किंस्तुघ्न — शाम 4:58 (7 अप्रैल) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशिमीन — शाम 6:25 (7 अप्रैल) तक
सूर्योदयसुबह 6:06
सूर्यास्तशाम 6:42
चंद्रोदयसुबह 5:59 (7 अप्रैल)
चंद्रास्तशाम 6:09
दिनमान12 घंटे 36 मिनट
रात्रिमान11 घंटे 23 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:59 – दोपहर 12:49
राहु कालदोपहर 3:33 – शाम 5:07

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।