VBI पंचांग

पंचांग — 28 मार्च 2027 नई दिल्ली

रविवार, 28 मार्च 2027 · चैत्र कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2083

वाररविवार
तिथिकृष्ण षष्ठी — दोपहर 3:05 तक
कृष्ण सप्तमी — शाम 5:11 (29 मार्च) तक
नक्षत्रज्येष्ठा — रात 12:32 (29 मार्च) तक
मूल — रात 3:18 (30 मार्च) तक
योगव्यतीपात — सुबह 6:07 (29 मार्च) तक
वरीयान — सुबह 6:54 (30 मार्च) तक
करणवणिज — दोपहर 3:05 तक
विष्टि (भद्रा) — सुबह 4:04 (29 मार्च) तक
बव — शाम 5:11 (29 मार्च) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशिवृश्चिक — रात 12:32 (29 मार्च) तक
धनु — दोपहर 1:07 (31 मार्च) तक
सूर्योदयसुबह 6:16
सूर्यास्तशाम 6:37
चंद्रोदयरात 12:43 (29 मार्च)
चंद्रास्तसुबह 9:50
दिनमान12 घंटे 21 मिनट
रात्रिमान11 घंटे 38 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:02 – 12:51
राहु कालशाम 5:04 – 6:37

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।