VBI पंचांग

पंचांग — 26 मार्च 2027 नई दिल्ली

शुक्रवार, 26 मार्च 2027 · चैत्र कृष्ण चतुर्थी · विक्रम संवत 2083

वारशुक्रवार
तिथिकृष्ण चतुर्थी — दोपहर 12:43 तक
कृष्ण पंचमी — दोपहर 1:33 (27 मार्च) तक
नक्षत्रविशाखा — रात 8:36 तक
अनुराधा — रात 10:15 (27 मार्च) तक
योगहर्षण — सुबह 6:21 तक
वज्र — सुबह 5:45 (27 मार्च) तक
सिद्धि — सुबह 5:42 (28 मार्च) तक
करणबालव — दोपहर 12:43 तक
कौलव — रात 1:03 (27 मार्च) तक
तैतिल — दोपहर 1:33 (27 मार्च) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशितुला — दोपहर 2:18 तक
वृश्चिक — रात 12:32 (29 मार्च) तक
सूर्योदयसुबह 6:19
सूर्यास्तशाम 6:36
चंद्रोदयरात 10:50
चंद्रास्तसुबह 8:18
दिनमान12 घंटे 17 मिनट
रात्रिमान11 घंटे 42 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:03 – 12:52
राहु कालसुबह 10:55 – दोपहर 12:27

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।