VBI पंचांग

पंचांग — 13 मार्च 2027 नई दिल्ली

शनिवार, 13 मार्च 2027 · फाल्गुन शुक्ल पंचमी · विक्रम संवत 2083

वारशनिवार
तिथिशुक्ल पंचमी — दोपहर 1:55 तक
शुक्ल षष्ठी — दोपहर 12:32 (14 मार्च) तक
नक्षत्रभरणी — सुबह 11:03 तक
कृत्तिका — सुबह 10:23 (14 मार्च) तक
योगवैधृति — शाम 7:30 तक
विष्कुंभ — शाम 5:10 (14 मार्च) तक
करणबालव — दोपहर 1:55 तक
कौलव — रात 1:16 (14 मार्च) तक
तैतिल — दोपहर 12:32 (14 मार्च) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिकुंभ
चंद्र राशिमेष — शाम 4:55 तक
वृषभ — रात 8:51 (15 मार्च) तक
सूर्योदयसुबह 6:34
सूर्यास्तशाम 6:28
चंद्रोदयसुबह 9:15
चंद्रास्तरात 11:28
दिनमान11 घंटे 55 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 4 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:07 – 12:55
राहु कालसुबह 9:32 – 11:02

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।