VBI पंचांग

पंचांग — 9 मार्च 2027 नई दिल्ली

मंगलवार, 9 मार्च 2027 · फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा · विक्रम संवत 2083

वारमंगलवार
तिथिशुक्ल प्रतिपदा — दोपहर 3:41 तक
शुक्ल द्वितीया — दोपहर 3:53 (10 मार्च) तक
नक्षत्रपूर्वा भाद्रपद — सुबह 9:58 तक
उत्तरा भाद्रपद — सुबह 10:52 (10 मार्च) तक
योगशुभ — रात 1:58 (10 मार्च) तक
शुक्ल — रात 12:50 (11 मार्च) तक
करणबव — दोपहर 3:41 तक
बालव — रात 3:50 (10 मार्च) तक
कौलव — दोपहर 3:53 (10 मार्च) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिकुंभ
चंद्र राशिमीन — सुबह 11:20 (11 मार्च) तक
सूर्योदयसुबह 6:38
सूर्यास्तशाम 6:26
चंद्रोदयसुबह 6:57
चंद्रास्तशाम 7:22
दिनमान11 घंटे 48 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 11 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:08 – 12:56
राहु कालदोपहर 3:29 – शाम 4:57

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।