VBI पंचांग

पंचांग — 28 फ़रवरी 2027 नई दिल्ली

रविवार, 28 फ़रवरी 2027 · फाल्गुन कृष्ण अष्टमी · विक्रम संवत 2083

वाररविवार
तिथिकृष्ण अष्टमी — रात 11:46 तक
कृष्ण नवमी — रात 2:07 (2 मार्च) तक
नक्षत्रअनुराधा — दोपहर 1:47 तक
ज्येष्ठा — शाम 4:27 (1 मार्च) तक
योगहर्षण — रात 10:28 तक
वज्र — रात 11:11 (1 मार्च) तक
करणबालव — सुबह 10:46 तक
कौलव — रात 11:46 तक
तैतिल — दोपहर 12:54 (1 मार्च) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिकुंभ
चंद्र राशिवृश्चिक — शाम 4:27 (1 मार्च) तक
सूर्योदयसुबह 6:48
सूर्यास्तशाम 6:20
चंद्रोदयरात 2:00 (1 मार्च)
चंद्रास्तसुबह 11:09
दिनमान11 घंटे 33 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 26 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:11 – 12:57
राहु कालशाम 4:54 – 6:20

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।