VBI पंचांग

पंचांग — 22 फ़रवरी 2027 नई दिल्ली

सोमवार, 22 फ़रवरी 2027 · फाल्गुन कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2083

वारसोमवार
तिथिकृष्ण द्वितीया — रात 11:39 तक
कृष्ण तृतीया — रात 9:49 (23 फ़र.) तक
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी — सुबह 11:55 तक
उत्तरा फाल्गुनी — सुबह 10:28 (23 फ़र.) तक
योगसुकर्मा — सुबह 8:02 तक
धृति — सुबह 4:59 (23 फ़र.) तक
शूल — रात 2:26 (24 फ़र.) तक
करणतैतिल — दोपहर 12:47 तक
गर — रात 11:39 तक
वणिज — सुबह 10:39 (23 फ़र.) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिकुंभ
चंद्र राशिसिंह — शाम 5:30 तक
कन्या — रात 9:30 (24 फ़र.) तक
सूर्योदयसुबह 6:53
सूर्यास्तशाम 6:16
चंद्रोदयशाम 7:58
चंद्रास्तसुबह 7:28
दिनमान11 घंटे 23 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 36 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:12 – 12:58
राहु कालसुबह 8:19 – 9:44

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।