VBI पंचांग

पंचांग — 9 फ़रवरी 2027 नई दिल्ली

मंगलवार, 9 फ़रवरी 2027 · माघ शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2083

वारमंगलवार
तिथिशुक्ल तृतीया — रात 2:20 (10 फ़र.) तक
शुक्ल चतुर्थी — रात 3:05 (11 फ़र.) तक
नक्षत्रपूर्वा भाद्रपद — रात 3:40 (10 फ़र.) तक
उत्तरा भाद्रपद — सुबह 4:56 (11 फ़र.) तक
योगशिव — रात 9:43 तक
सिद्ध — रात 9:13 (10 फ़र.) तक
करणतैतिल — दोपहर 1:47 तक
गर — रात 2:20 (10 फ़र.) तक
वणिज — दोपहर 2:46 (10 फ़र.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिमकर
चंद्र राशिकुंभ — रात 9:17 तक
मीन — सुबह 5:42 (12 फ़र.) तक
सूर्योदयसुबह 7:04
सूर्यास्तशाम 6:07
चंद्रोदयसुबह 8:26
चंद्रास्तरात 8:32
दिनमान11 घंटे 2 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 57 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:13 – 12:58
राहु कालदोपहर 3:21 – शाम 4:44

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।