VBI पंचांग

पंचांग — 2 फ़रवरी 2027 नई दिल्ली

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027 · माघ कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2083

वारमंगलवार
तिथिकृष्ण एकादशी — सुबह 11:10 तक
कृष्ण द्वादशी — दोपहर 1:50 (3 फ़र.) तक
नक्षत्रज्येष्ठा — सुबह 9:21 तक
मूल — दोपहर 12:26 (3 फ़र.) तक
योगव्याघात — शाम 5:47 तक
हर्षण — शाम 6:44 (3 फ़र.) तक
करणबालव — सुबह 11:10 तक
कौलव — रात 12:30 (3 फ़र.) तक
तैतिल — दोपहर 1:50 (3 फ़र.) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)पौष
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिमकर
चंद्र राशिवृश्चिक — सुबह 9:21 तक
धनु — रात 10:18 (4 फ़र.) तक
सूर्योदयसुबह 7:09
सूर्यास्तशाम 6:01
चंद्रोदयसुबह 4:57 (3 फ़र.)
चंद्रास्तदोपहर 2:05
दिनमान10 घंटे 52 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 7 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:13 – 12:57
राहु कालदोपहर 3:18 – शाम 4:40

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।