VBI पंचांग

पंचांग — 30 जनवरी 2027 नई दिल्ली

शनिवार, 30 जनवरी 2027 · माघ कृष्ण नवमी · विक्रम संवत 2083

वारशनिवार
तिथिकृष्ण नवमी — सुबह 6:34 (31 जन.) तक
कृष्ण दशमी — सुबह 8:41 (1 फ़र.) तक
नक्षत्रविशाखा — रात 3:55 (31 जन.) तक
अनुराधा — सुबह 6:28 (1 फ़र.) तक
योगगंड — शाम 4:02 तक
वृद्धि — शाम 4:18 (31 जन.) तक
करणतैतिल — शाम 5:41 तक
गर — सुबह 6:34 (31 जन.) तक
वणिज — शाम 7:34 (31 जन.) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)पौष
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिमकर
चंद्र राशितुला — रात 9:22 तक
वृश्चिक — सुबह 9:21 (2 फ़र.) तक
सूर्योदयसुबह 7:10
सूर्यास्तशाम 5:59
चंद्रोदयरात 2:17 (31 जन.)
चंद्रास्तसुबह 11:48
दिनमान10 घंटे 48 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 11 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:13 – 12:56
राहु कालसुबह 9:52 – 11:13

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।