VBI पंचांग

पंचांग — 9 जनवरी 2027 नई दिल्ली

शनिवार, 9 जनवरी 2027 · पौष शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2083

वारशनिवार
तिथिशुक्ल द्वितीया — सुबह 7:07 (10 जन.) तक
शुक्ल तृतीया — सुबह 9:28 (11 जन.) तक
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — दोपहर 12:16 तक
श्रवण — दोपहर 3:12 (10 जन.) तक
योगहर्षण — शाम 4:15 तक
वज्र — शाम 5:02 (10 जन.) तक
करणबालव — शाम 5:52 तक
कौलव — सुबह 7:07 (10 जन.) तक
तैतिल — रात 8:20 (10 जन.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)पौष
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिधनु
चंद्र राशिमकर — सुबह 4:35 (11 जन.) तक
सूर्योदयसुबह 7:15
सूर्यास्तशाम 5:41
चंद्रोदयसुबह 8:21
चंद्रास्तशाम 6:58
दिनमान10 घंटे 27 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 34 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:07 – 12:49
राहु कालसुबह 9:52 – 11:10

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।