VBI पंचांग

पंचांग — 29 दिसंबर 2026 नई दिल्ली

मंगलवार, 29 दिसंबर 2026 · पौष कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2083

वारमंगलवार
तिथिकृष्ण षष्ठी — दोपहर 1:25 तक
कृष्ण सप्तमी — दोपहर 12:36 (30 दिसं.) तक
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी — दोपहर 3:43 तक
उत्तरा फाल्गुनी — दोपहर 3:37 (30 दिसं.) तक
योगआयुष्मान — दोपहर 3:30 तक
सौभाग्य — दोपहर 1:41 (30 दिसं.) तक
करणवणिज — दोपहर 1:25 तक
विष्टि (भद्रा) — रात 12:55 (30 दिसं.) तक
बव — दोपहर 12:36 (30 दिसं.) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिधनु
चंद्र राशिसिंह — रात 9:37 तक
कन्या — सुबह 4:47 (1 जन.) तक
सूर्योदयसुबह 7:13
सूर्यास्तशाम 5:34
चंद्रोदयरात 11:33
चंद्रास्तसुबह 11:05
दिनमान10 घंटे 21 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 39 मिनट
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:02 – 12:44
राहु कालदोपहर 2:58 – शाम 4:16

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।