VBI पंचांग

पंचांग — 21 दिसंबर 2026 नई दिल्ली

सोमवार, 21 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी · विक्रम संवत 2083

वारसोमवार
तिथिशुक्ल द्वादशी — शाम 5:36 तक
शुक्ल त्रयोदशी — दोपहर 2:24 (22 दिसं.) तक
नक्षत्रभरणी — दोपहर 1:09 तक
कृत्तिका — सुबह 10:45 (22 दिसं.) तक
योगसिद्ध — रात 1:32 (22 दिसं.) तक
साध्य — रात 9:32 (22 दिसं.) तक
करणबालव — शाम 5:36 तक
कौलव — सुबह 4:04 (22 दिसं.) तक
तैतिल — दोपहर 2:24 (22 दिसं.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिधनु
चंद्र राशिमेष — शाम 6:36 तक
वृषभ — शाम 6:26 (23 दिसं.) तक
सूर्योदयसुबह 7:09
सूर्यास्तशाम 5:29
चंद्रोदयदोपहर 2:44
चंद्रास्तसुबह 5:03 (22 दिसं.)
दिनमान10 घंटे 20 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 41 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:58 – दोपहर 12:40
राहु कालसुबह 8:27 – 9:44

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।