VBI पंचांग

पंचांग — 18 दिसंबर 2026 नई दिल्ली

शुक्रवार, 18 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष शुक्ल नवमी · विक्रम संवत 2083

वारशुक्रवार
तिथिशुक्ल नवमी — रात 11:14 तक
शुक्ल दशमी — रात 10:09 (19 दिसं.) तक
नक्षत्रउत्तरा भाद्रपद — शाम 4:10 तक
रेवती — दोपहर 3:58 (19 दिसं.) तक
योगव्यतीपात — दोपहर 12:19 तक
वरीयान — सुबह 10:35 (19 दिसं.) तक
करणबालव — सुबह 11:27 तक
कौलव — रात 11:14 तक
तैतिल — सुबह 10:48 (19 दिसं.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिधनु
चंद्र राशिमीन — दोपहर 3:58 (19 दिसं.) तक
सूर्योदयसुबह 7:08
सूर्यास्तशाम 5:28
चंद्रोदयदोपहर 12:50
चंद्रास्तरात 1:43 (19 दिसं.)
दिनमान10 घंटे 20 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 41 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:57 – दोपहर 12:38
राहु कालसुबह 11:00 – दोपहर 12:18

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।