VBI पंचांग

पंचांग — 12 दिसंबर 2026 नई दिल्ली

शनिवार, 12 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2083

वारशनिवार
तिथिशुक्ल तृतीया — दोपहर 2:06 तक
शुक्ल चतुर्थी — शाम 4:48 (13 दिसं.) तक
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — सुबह 6:12 (13 दिसं.) तक
श्रवण — सुबह 9:12 (14 दिसं.) तक
योगवृद्धि — सुबह 11:17 तक
ध्रुव — दोपहर 12:14 (13 दिसं.) तक
करणगर — दोपहर 2:06 तक
वणिज — रात 3:28 (13 दिसं.) तक
विष्टि (भद्रा) — शाम 4:48 (13 दिसं.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिवृश्चिक
चंद्र राशिधनु — सुबह 9:51 तक
मकर — रात 10:36 (14 दिसं.) तक
सूर्योदयसुबह 7:04
सूर्यास्तशाम 5:25
चंद्रोदयसुबह 9:44
चंद्रास्तरात 8:07
दिनमान10 घंटे 22 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 39 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:54 – दोपहर 12:35
राहु कालसुबह 9:39 – 10:57

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।