VBI पंचांग

पंचांग — 5 दिसंबर 2026 नई दिल्ली

शनिवार, 5 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष कृष्ण द्वादशी · विक्रम संवत 2083

वारशनिवार
तिथिकृष्ण द्वादशी — रात 12:52 (6 दिसं.) तक
कृष्ण त्रयोदशी — रात 2:22 (7 दिसं.) तक
नक्षत्रचित्रा — सुबह 11:49 तक
स्वाति — दोपहर 1:38 (6 दिसं.) तक
योगसौभाग्य — सुबह 7:53 तक
शोभन — सुबह 7:41 (6 दिसं.) तक
करणकौलव — दोपहर 12:15 तक
तैतिल — रात 12:52 (6 दिसं.) तक
गर — दोपहर 1:34 (6 दिसं.) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिवृश्चिक
चंद्र राशितुला — सुबह 9:14 (7 दिसं.) तक
सूर्योदयसुबह 6:59
सूर्यास्तशाम 5:24
चंद्रोदयसुबह 4:33 (6 दिसं.)
चंद्रास्तदोपहर 2:36
दिनमान10 घंटे 25 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 36 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:51 – दोपहर 12:32
राहु कालसुबह 9:35 – 10:53

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।