VBI पंचांग

पंचांग — 3 दिसंबर 2026 नई दिल्ली

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083

वारगुरुवार
तिथिकृष्ण दशमी — रात 11:04 तक
कृष्ण एकादशी — रात 11:45 (4 दिसं.) तक
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी — सुबह 9:23 तक
हस्त — सुबह 10:23 (4 दिसं.) तक
योगप्रीति — सुबह 9:15 तक
आयुष्मान — सुबह 8:23 (4 दिसं.) तक
करणवणिज — सुबह 10:54 तक
विष्टि (भद्रा) — रात 11:04 तक
बव — सुबह 11:21 (4 दिसं.) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिवृश्चिक
चंद्र राशिकन्या — रात 11:02 (4 दिसं.) तक
सूर्योदयसुबह 6:57
सूर्यास्तशाम 5:24
चंद्रोदयरात 2:38 (4 दिसं.)
चंद्रास्तदोपहर 1:34
दिनमान10 घंटे 27 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 34 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:50 – दोपहर 12:32
राहु कालदोपहर 1:29 – 2:47

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।