VBI पंचांग

पंचांग — 30 नवंबर 2026 नई दिल्ली

सोमवार, 30 नवंबर 2026 · मार्गशीर्ष कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2083

वारसोमवार
तिथिकृष्ण सप्तमी — रात 12:12 (1 दिसं.) तक
कृष्ण अष्टमी — रात 11:14 (1 दिसं.) तक
नक्षत्रआश्लेषा — सुबह 9:42 तक
मघा — सुबह 9:00 (1 दिसं.) तक
योगइंद्र — दोपहर 2:27 तक
वैधृति — दोपहर 12:15 (1 दिसं.) तक
करणविष्टि (भद्रा) — दोपहर 12:55 तक
बव — रात 12:12 (1 दिसं.) तक
बालव — सुबह 11:38 (1 दिसं.) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिवृश्चिक
चंद्र राशिकर्क — सुबह 9:42 तक
सिंह — दोपहर 2:59 (2 दिसं.) तक
सूर्योदयसुबह 6:55
सूर्यास्तशाम 5:24
चंद्रोदयरात 11:41
चंद्रास्तदोपहर 12:00
दिनमान10 घंटे 29 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 32 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:49 – दोपहर 12:31
राहु कालसुबह 8:14 – 9:32

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।