VBI पंचांग

पंचांग — 22 नवंबर 2026 नई दिल्ली

रविवार, 22 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी · विक्रम संवत 2083

वाररविवार
तिथिशुक्ल त्रयोदशी — रात 2:37 (23 नवं.) तक
शुक्ल चतुर्दशी — रात 11:42 (23 नवं.) तक
नक्षत्रअश्विनी — सुबह 4:15 (23 नवं.) तक
भरणी — रात 2:02 (24 नवं.) तक
योगव्यतीपात — रात 11:29 तक
वरीयान — शाम 7:58 (23 नवं.) तक
करणकौलव — दोपहर 3:52 तक
तैतिल — रात 2:37 (23 नवं.) तक
गर — दोपहर 1:14 (23 नवं.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिवृश्चिक
चंद्र राशिमेष — सुबह 7:24 (24 नवं.) तक
सूर्योदयसुबह 6:49
सूर्यास्तशाम 5:25
चंद्रोदयदोपहर 3:30
चंद्रास्तसुबह 5:07 (23 नवं.)
दिनमान10 घंटे 36 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 24 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:46 – दोपहर 12:28
राहु कालशाम 4:06 – 5:25

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।