VBI पंचांग

पंचांग — 10 नवंबर 2026 नई दिल्ली

मंगलवार, 10 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा · विक्रम संवत 2083

वारमंगलवार
तिथिशुक्ल प्रतिपदा — दोपहर 2:00 तक
शुक्ल द्वितीया — दोपहर 3:53 (11 नवं.) तक
नक्षत्रविशाखा — सुबह 9:19 तक
अनुराधा — सुबह 11:38 (11 नवं.) तक
योगशोभन — रात 3:09 (11 नवं.) तक
अतिगंड — रात 3:40 (12 नवं.) तक
करणबव — दोपहर 2:00 तक
बालव — रात 2:54 (11 नवं.) तक
कौलव — दोपहर 3:53 (11 नवं.) तक
पक्षशुक्ल पक्ष
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिवृश्चिक — दोपहर 2:19 (12 नवं.) तक
सूर्योदयसुबह 6:39
सूर्यास्तशाम 5:30
चंद्रोदयसुबह 7:38
चंद्रास्तशाम 5:52
दिनमान10 घंटे 51 मिनट
रात्रिमान13 घंटे 10 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:43 – दोपहर 12:27
राहु कालदोपहर 2:48 – शाम 4:09

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।