VBI पंचांग

पंचांग — 30 अक्टूबर 2026 नई दिल्ली

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 · कार्तिक कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2083

वारशुक्रवार
तिथिकृष्ण पंचमी — शाम 7:25 तक
कृष्ण षष्ठी — शाम 4:57 (31 अक्टू.) तक
नक्षत्रमृगशिरा — सुबह 9:04 तक
आर्द्रा — सुबह 7:12 (31 अक्टू.) तक
योगशिव — रात 8:41 तक
सिद्ध — शाम 5:31 (31 अक्टू.) तक
करणकौलव — सुबह 8:46 तक
तैतिल — शाम 7:25 तक
गर — सुबह 6:09 (31 अक्टू.) तक
वणिज — शाम 4:57 (31 अक्टू.) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)आश्विन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिमिथुन — रात 12:00 (1 नवं.) तक
सूर्योदयसुबह 6:31
सूर्यास्तशाम 5:38
चंद्रोदयरात 9:23
चंद्रास्तसुबह 10:57
दिनमान11 घंटे 7 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 54 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:42 – दोपहर 12:27
राहु कालसुबह 10:41 – दोपहर 12:05

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।