VBI पंचांग

पंचांग — 2 अक्टूबर 2026 नई दिल्ली

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 · आश्विन कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2083

वारशुक्रवार
तिथिकृष्ण षष्ठी — सुबह 10:15 तक
कृष्ण सप्तमी — सुबह 8:00 (3 अक्टू.) तक
नक्षत्रमृगशिरा — रात 2:55 (3 अक्टू.) तक
आर्द्रा — रात 1:29 (4 अक्टू.) तक
योगव्यतीपात — शाम 6:17 तक
वरीयान — दोपहर 3:21 (3 अक्टू.) तक
करणवणिज — सुबह 10:15 तक
विष्टि (भद्रा) — रात 9:07 तक
बव — सुबह 8:00 (3 अक्टू.) तक
पक्षकृष्ण पक्ष
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
मास (अमांत)भाद्रपद
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
सूर्य राशिकन्या
चंद्र राशिवृषभ — दोपहर 3:40 तक
मिथुन — शाम 6:32 (4 अक्टू.) तक
सूर्योदयसुबह 6:14
सूर्यास्तशाम 6:06
चंद्रोदयरात 10:25
चंद्रास्तदोपहर 12:03
दिनमान11 घंटे 52 मिनट
रात्रिमान12 घंटे 8 मिनट
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:47 – दोपहर 12:34
राहु कालसुबह 10:41 – दोपहर 12:10

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी), वार, नक्षत्र (चंद्रमा जिस नक्षत्र में है), योग (सूर्य और चंद्रमा के अंशों का जोड़) और करण (आधी तिथि)। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए यहाँ दिखाई तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही थी; उसके ख़त्म होने का समय साथ में लिखा है।

उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (पूर्णिमांत), जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमावस्या पर (अमांत) — इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों मास के नाम अलग दिखते हैं।