VBI पंचांग

शुभ मुहूर्त — 4 मार्च 2027 नई दिल्ली

गुरुवार, 4 मार्च 2027 · फाल्गुन कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2083

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:10 – 12:56
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 5:05 – 5:54
विजय मुहूर्तदोपहर 2:30 – 3:16
गोधूलि मुहूर्तशाम 6:23 – 6:48

अशुभ समय

राहु कालदोपहर 2:01 – 3:28
यमगंडसुबह 6:43 – 8:11
गुलिक कालसुबह 9:38 – 11:06

राहु काल पूरे हफ़्ते का →

शुभ चौघड़िया

  • शुभ सुबह 6:43 – 8:11
  • लाभ दोपहर 12:33 – 2:01
  • अमृत दोपहर 2:01 – 3:28
  • शुभ शाम 4:55 – 6:23
  • अमृत शाम 6:23 – 7:55
  • लाभ रात 12:33 – 2:05 (5 मार्च)
  • शुभ रात 3:37 – सुबह 5:10 (5 मार्च)
  • अमृत सुबह 5:10 – 6:42 (5 मार्च)

पूरा चौघड़िया (दिन और रात) →

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 6:43
सूर्यास्तशाम 6:23
चंद्रोदयसुबह 4:56 (5 मार्च)
चंद्रास्तदोपहर 2:43

पंचांग संक्षेप में

तिथिकृष्ण एकादशी — सुबह 7:24 तक
कृष्ण द्वादशी — सुबह 9:54 (5 मार्च) तक
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — रात 1:35 (5 मार्च) तक
श्रवण — सुबह 4:20 (6 मार्च) तक
योगवरीयान — रात 2:00 (5 मार्च) तक
परिघ — रात 2:42 (6 मार्च) तक
चंद्र राशिमकर — शाम 5:34 (6 मार्च) तक

पूरा पंचांग →

शुभ मुहूर्त कैसे देखें

शुभ मुहूर्त वह समय है जिसे पंचांग के हिसाब से किसी काम की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है। ये सारे समय सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं — ऊपर अपना शहर चुन लें।

अभिजीत मुहूर्त दोपहर के आसपास का समय है: दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) को 15 बराबर मुहूर्तों में बाँटने पर आठवाँ मुहूर्त। बुधवार को इसे नहीं लिया जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जिसे पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में नया काम शुरू करने से बचा जाता है। दिन में इनके अलावा अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं।